कुंडली में काल सर्प दोष है ? घबराएं नहीं ये उपाय करें

कुंडली में कालसर्प दोष हो तो व्‍यक्ति को कई तरह की समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है । आगे जानें इस दोष से निवारण के आसान से उपाय । प्रयोग जरूर करें और लाभ प्राप्‍त करें ।

New Delhi, May 15 : विवाह में बाधा, दांपत्य जीवन में मुश्किलें, पढ़ाई में रुकावटें, चोट ओर बीमारी से परेशान रहना, संतान की ओर से कष्‍ट, ये सभी कुंडली के अशुभ योग का फल है । इन दोषों का पता जल्‍दी चल जाए और इनका निवारण भी कर लिया जाए तो दोषों से मुक्ति हो सकती है । इन सभी परेशानियों से छुटकारा भी मिल जाता है । ऐसा ही एक दोष है काल सर्प दोष, जिसके लक्षण, कारण और उपाय आज हम आपको बता रहे हैं । जानिए ज्‍योतिष में आपके लिए क्‍या जानकारी है ।

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अशुभ योग है
काल सर्प दोष को बहुत ही अशुभ योग माना जाता है । इसके पीछे मान्‍यता है कि कहते हैं अगर किसी व्यक्ति ने अपने पिछले जन्म में बुरे कर्म किये होते हैं जैसे सांप या किसी और निर्दोष जीव की हत्या तो उसके अगले जन्म में दंड के रूप में उसकी कुंडली में काल सर्प योग बन जाता है । ऐसा भी माना जाता है कि अगर किसी मनुष्य के पिछले जन्म की कोई इच्छा अधूरी रह जाती है तो उसके अगले जन्म में उसकी इसी इच्छा की पूर्ति के लिए उसकी कुंडली में काल सर्प दोष का योग बन जाता है।

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काल सर्प दोष के लक्षण
कुंडली में काल सर्प दोष हो, इस तरह की समस्‍याएं उत्‍पन्‍न होती हैं । जैसे संतान प्राप्ति में मुश्किलें आना या संतान की उन्नति न होना । बेवजह अपमान के हालातों से गुजरना । मेहनत करने पर भी उसका फल ना मिल पाना । हमेशा आर्थिक तंगी रहना । व्‍यापार में नुकसान होना, विवाह में बाधा आना या दांपत्‍य जीवन में मुश्कलिें रहना । बुरे सपने और उसमें सांप आदि का दिखना ।

ये भी हैं लक्षण
काल सर्प दोष से ग्रसित कुंडली के व्‍याक्ति को बार-बार दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है । वो किसी भी प्रकार से हो सकता है । खुद को अंगहीन देखना भी इस दोष का लक्षण है । इसके अलावा बार-बार सपने में किसी काली भयंकर स्त्री को या फिर किसी विधवा औरत को रोते हुए देखना । आपके बनते हुए कामों का बिगड़ जाना । आपके किसी मृत परिजन का सपने में आकर आपसे कुछ मांगना ।

ये उपाय करें
काल सर्प दोष निवारण के लिए आपको आगे कुछ उपाय बताए जा रहे हैं । इन उपायों को कर आप इस दोष से मुक्‍त हो सकते हैं । इस दोष से बचने के पंचाक्षरी मन्त्र और महामृत्युन्जय मन्त्र का जाप 108 बार करना चाहिए । इसके अलावा  शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में जल चढ़ाने से भी इस दोष का प्रभाव कम होता जाता है।

श्रीकृष्‍ण को स्‍थापित करें
अपने घर में मोर पंख धारण किये हुए श्री कृष्ण जी की मूर्ति स्थापित करें और विधिपूर्वक उनकी पूजा-अर्चना करें इससे आपके घर में सुख और शान्ति बनी रहेगी। काले अकीक की माला से राहु ग्रह के बीज मन्त्र का जाप 108 बार करें, इससे भी आपको फायदा मिलेगा। यदि आप धन से समर्थ हैं तो नारियल पर नाग और नागिन का चांदी का जोड़ा बनाकर मौली से लपेटकर नदी में बहाएं ।

नाग देवता की पूजा
नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा अवश्‍य करें । साथ ही व्रत भी करें । इसके अलावा आप किसी शिव मंदिर के जीर्णोद्धार का काम भी करा सकते हैं । सोमवार के दिन शिव मंदिर में रुद्राभिषेक करवाएं । काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए प्रदिन स्‍वयं गायत्री मंत्र का पाठ करें । इसके अलावा आप प्रतिदिन शिवजी को चंदन तथा चंदन का इत्र चढ़ाएं और फिर उसे नित्य स्वयं लगाएं।