बचपन में हुआ मां-बाप और भाई का कत्ल, दो वक्त की रोटी के लिये नौकरों की तरह किया काम

Tuntun

टुनटुन को बॉलीवुड की पहली महिला कॉमेडियन भी कहा जाता है, एक दौर में उन्होने बॉलीवुड के कई दिग्गज और स्टार कलाकारों के साथ काम किया था।

New Delhi, Dec 29 : बॉलीवुड एक्ट्रेस टुनटुन फिल्म इंडस्ट्री का ऐसा नाम हैं, जिसे सुनते ही लोगों के चेहरे पर हंसी आ जाती थी, उन्हें बॉलीवुड की पहली महिला कॉमेडियन भी कहा जाता है, एक दौर में उन्होने बॉलीवुड के कई दिग्गज और स्टार कलाकारों के साथ काम किया था, वो फिल्म इंडस्ट्री में अपनी कॉमेडी की वजह से पहचान बना चुकी थीं, हालांकि एक्टिंग के अलावा वो प्लेबैक सिगिंग भी करती थी।

प्लेबैक सिंगर
टुनटुन को भले पहचान एक कॉमेडियन के रुप में मिला हो, लेकिन उनके गाने को भी खूब पसंद किया जाता था, उन्होने फिल्म दर्द (1947) के लिये अफसाना लिख रही हूं… गाया था, tun tun2जिसे लोगों ने खूब पसंद किया था, लेकिन टुनटुन फिल्मों के जरिये जितना ज्यादा लोगों को हंसाती थी, उनकी खुद की जिंदगी में उतना ही दर्द भरी हुई थी।

वास्तविक नाम
बॉलीवुड की पहली कॉमेडियन का असली नाम उमा देवी खत्री थी, वो दिल्ली के अलीपुर की रहने वाले है, जब उमा सिर्फ चार साल की थी, tun tun3तभी जमीन विवाद में उनके माता-पिता का कत्ल हो गया था, उसके बाद उनके 9 साल के भाई का भी मर्डर हो गया, तब उमा 12 साल की थी, उनकी जिम्मेदारी रिश्तेदारों के भरोसे रह गई थी।

मुश्किल में बीता बचपन
टुनटुन का बचपन बड़ा ही मुश्किल में बीता, उन्हें दो वक्त रोटी के लिये भी नौकरों की तरह काम करना पड़ता था, जब वो रिश्तेदारों के घर रह रही थी, tun tun1तो जहां भी रिश्तेदारी में शादी या कोई कार्यक्रम होता था, उन्हें काम करने के लिये भेज दिया जाता था, इसके अलावा वो जिनके घर पर रहती थी, वहां भी उनसे खूब काम कराया जाता था, तब उन्हें दो समय भोजन दिया जाता था।

गाने की वजह से पिटाई
तमाम मुश्किलों के बावजूद बॉलीवुड कलाकार को गाने का शौक बचपन से ही था, हालांकि वो जिनके घर पर रहती थी, उन लोगों को उनका ये शौक पसंद नहीं था, tuntun1इसी वजह से उन्हें कई बार मारा-पीटा भी जाता था, लेकिन इसके बाद भी गाने के लिये उनका जुनून कम नहीं हुआ, और वो गाने की प्रैक्टिस जारी रखी।

घर से मुंबई भाग गई
जिस रिश्तेदार के घर टुनटुन रहती थी, वो उनके लिये बोझ थी, यही वजह था कि उन्हें खाना देने के लिये उनसे खूब काम कराया जाता था और गाना गाने से भी रोका जाता था, Tuntun4एक दिन उनके सब्र का बांध टूट गया और वो प्लेबैक सिंगर बनने के लिये घर से मुंबई के लिये भाग गई, तब उमा की उम्र सिर्फ 14 साल थी, लेकिन उनके इरादे मजबूत थे।

1947 में मिला पहला मौका
साल 1947 में उन्हें पहली बार प्लेबैक सिंगिंग का मौका मिला, फिल्म दर्द के लिये उन्होने अफसाना लिख रही हूं… गाया था, ये गाना लोगों को खूब पसंद आया, Tuntun7साथ ही उमा की आवाज भी लोगों के दिल में घर कर गई। देखते ही देखते बॉलीवुड में उन्होने अपनी पहचान बना ली, लेकिन लोग उन्हें उमा खत्री नहीं बल्कि टुनटुन के नाम से जानने लगे।

फिल्मों में किया स्थापित
टुनटुन ने बॉलीवुड में करीब 5 दशक तक काम किया, इस दौरान उन्होने करीब 200 फिल्मों में काम किया, 90 के दशक में उन्होने खुद को फिल्मों से अलग कर लिया, Tuntun5क्योंकि उनका स्वास्थ्य अब और फिल्मों में काम करने की इजाजत नहीं दे रहा था, जिसके बाद उन्होने फिल्में करना छोड़ दिया।

लोगों के दिलों में जिंदा
24 नवंबर 2003 को टुनटुन ने इस दुनिया से रुखसती ले ली, लेकिन आज भी वो अपने फैन्स के दिलों में जिंदा है, उनके जाने के बाद फिल्मों में महिला कॉमेडियन का एक सूनापन आ गया, Tuntun6क्योंकि उनके स्तर की, या फिर यूं कहें कि कॉमेडी में बहुत कम ही महिलाएं आना चाहती है, शायद इस वजह से भी उनका स्थान आज भी खाली है।