अपने हाथों को इस प्रकार मोडि़ए और फिर देखिए इसके चमत्‍कारी परिणाम

योगासन के समय हाथों की मुद्राएं बहुत महत्‍व रखती हैं, आप भी जानिए इन मुद्राओं का महत्‍व और इन्‍हें करने से होने वाले गजब के लाभ ।

New Delhi, Sep 27 : भागदौड़ भरी इस जिंदगी में कुछ वक्‍त अपने लिए जरूर निकाले । संगीत, व्‍यायाम, योगासन किसी भी माध्‍यम से आप खुद को खुश रखने की कोशिश जरूर करें । क्‍या आप जानते हैं योग के दौरान हाथों को कुछ विशेष मुद्राओं में रखा जाता है, इन मुद्राओं में उंगलियों और अंगूठे को अलग-अलग प्रकार से एक दूसरे के संपर्क में लाया जाता है । उंगलियों में कई नर्व एंडिंग्‍स होती है इसलिए जब इन पर दवाब पड़ता है तो अलग-अलग प्रकार की ऊर्जा का प्रवाह इनमें से होता है । आगे जानिए कुछ ऐसी ही विशिष्‍ट मुद्राओं के बारे में ।

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ज्ञान मुद्रा
पद्मासन में बैठ जाएं और फिर इंडेक्‍स फिंगर को अपने अंगूठे से जोड़ें । ठीक उसी तरह जिस प्रकार तस्‍वीर में दिखाया गया है । बाकी की उंगलियों को सीधा रहने दें । इस मुद्रा को ज्ञान मुद्रा कहते हैं, ये कॉन्‍सनट्रेशन को बढ़ाता है । तनाव में शांति देता है । जो लोग अनिद्रा और अवसाद से गुजर रहे हैं ये मुद्रा उन्‍हें आराम पहुंचाती है ।

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वायु मुद्रा
इंडेक्‍स फिंगर को मोड़ते हुए अंगूठे के नीचे दबा लीजिए । बाकी उंगलियों को आराम करने दें । इसे वायु मुद्रा कहते हैं । ये शरीर में गैस की समस्‍या से निजात देती है और इससे जुड़ी अन्‍य समस्‍याओं जेसे कॉन्स्टिपेशन, पेट का भारी होना और आर्थराइटिस में भी आराम पहुंचाती है ।

पृथ्‍वी मुद्रा
रिंग फिंगर को हथेली की ओर मोड़ें और अंगूठे से दबा लें । बाकी उंगलियों को सीधे ही रखें । ये पृथ्‍वी मुद्रा कहलाती है । ये मुद्रा शरीर में पृथ्‍वी तत्‍व को संतुलित रखती है । ये हमारे पाचन तंत्र को सही रखने में बहुत मददगार है, शरीर में संतुलन स्‍थापित करती है ।

अग्नि मुद्रा
रिंग फिंगर को हथेली पर मोड़कर लाएं अब अंगूठे से इसके दूसरे हिस्‍से को दबाएं । बाकी फिंगर्स को सीधे रहने दें । ये मोटापा भगाने की मुद्रा है । इस मुद्रा का अभ्‍यास करने से कॉलेस्‍ट्रॉल कम होता है । पाचन प्रक्रिया आसान होती है ।

वरुण मुद्रा
इसे जल मुद्रा भी कहा जाता है । हाथ की सबसे छोटी उंगली को अंगूठे से मिलाइए और बाकी उंगलियों को वैसे ही रहने दें । ये मुद्रा आपको शरीर के अलग-अलग हिस्‍सों में होने वाले दर्द से बचाती है । साथ ही मुंह सूखने की समस्‍या से निजात देती है । ये आपके डायजेशन को इंप्रूव करती है ।

शून्‍य मुद्रा
अंगूठे की मदद से बीच वाली उंगली को नीचे की ओर दबाएं । वो लोग जिन्‍हें वर्टिगो की समस्‍या है, इस मुद्रा से उसमें आराम मिलेगा । साथ ही जीभ, नाक और कान से जुड़ी समस्‍याएं भी दूर हो जाएंगी ।

अपान मुद्रा
इसे जीवन मुद्रा भी कहा जाता है । चित्र की तरह उंगलियों को एक दूसरे के नजदीक लाइए और हल्‍का प्रेस कीजिए । ये शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को बनाए रखता है । इम्यून सिस्‍टम को स्‍ट्रॉन्‍ग करता है, साथ ही आंखों से जुड़ी समस्‍या को भी दूर रखता है ।