नोटबंदी के वक्त ऐसी तस्वीरें हुई थी वायरल, इन्हें सच मानने लगे थे लोग

नोटबंदी को एक साल पूरा हो गया है। लेकिन उस वक्त कुछ ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी कि लोग इन्हें सच मानने लगे थे। देखिए वो तस्वीरें

New Delhi, Nov 08 : नोटबंदी को एक साल पूरा हो गया है। बीते साल 8 नवंबर को पीएम मोदी देश की जनता के सामने आए थे और ये ऐलान कर डाला था। इसके बाद पूरे मुल्क में मानों हड़कंप मच गया था। लेकिन उस दौर की एक खास बात ये है कि सोशल मीडिया के जरिए बहुत कुछ वायरल हो गया था। आलम ये था कि कई तस्वीरों को लोगों ने सच मान लिया था। ये रही कुछ तस्वीरें।   

ये तस्वीर हुई वायरल
ये तस्वीर उस वक्त वायरल हुई थी। कहा गया था कि ये तस्वीर अनिल अंबानी की बर्थडे पार्टी की है। खास बात ये है कि इसके साथ एक मैसेज भी वायरल हुआ था कि अंबानी ने अपना पूरा घर नोटों से सजा दिया था और आम जनता को नोटों की कमी हो रही है। सच तो ये है कि इस तस्वीर को किसी ने फोटोशॉप कर लिया था और सोशल मीडिया पर चिपका दिया था।

इस तस्वीर ने मचाया तहलका
इसके अलावा एक और तस्वीर उस वक्त वायरल हुई थी। इस तस्वीर में मौजूद लड़की को उत्तर प्रदेश के बीजेपी नेता केशव प्रसाद मौर्या की बेटी बताया गया और खूब शेयर किया गया। लोगों ने मैसेज शेयर किया कि लोगों के पास पैसे नहीं है और मौर्या की बेटी नोट लेकर घूम रही है। लेकन बाद में पता चला कि फोटो में दिख रही लड़की बैंक कर्मचारी थी।

मायावती भी नहीं बच पाईं
डिमॉनेटाइजेशन के वक्त एक और तस्वीर खूब वायरल हुई। इसमें बताया गया कि ये मायावती के बंगले के बाहर की तस्वीर है। ये मैसेज शेयर किया गया कि मायावती ने बोरियों में भरकर पैसे भिजवाए थे। लेकिन इस फोटो की सच्चाई कुछ और ही है। इस बोरी में नोट नहीं दरअसल कचरा भरा था, जिसे सफाई कर्मचारी बंगले से बाहर फेंकने जा रहा था।

मोदी के जैकेट वाली तस्वीर
इस तस्वीर को भला कोई कैसे भूल सकता है। ये तस्वीर सोशल मीडिया पर बेहद वायरल हुई थी। डिमॉनेटाइजेशन के वक्त ये फोटो और मैसेज वायरल हुआ था कि जिस रंग की जैकेट मोदी पहनते हैं उसी रंग के नोट वो जारी करते हैं। सच तो ये है कि करंसी के रंग और बनावट आरबीआई ने नियमों के मुताबिक तय होती है। इसलिए ये तस्वीर भी झूठी थी।

बीजेपी नेता पर लगे झूठे आरोप
नोटों की हजारों गड्डियों वाली ये तस्वीर डिमॉनेटाइजेशन के वक्त वायरल हुई थी। इसके साथ ही एक मैसेज भी वायरल किया गया कि ये नोट बीजेपी विधायक सुधीर गड़गिल की गाड़ी में बरामद हुए थे। ये फोटो बेहद शेयर भी की गई थी। इस फोटो की सच्चाई ये थी कि नोटों के ये बंडल महाराष्ट्र के सांगली के एक बैंक में रखे गए थे। इसकी फोटो खींचकर बीजेपी नेता के नाम पर वायरल की गई।

नोटों के लड्डू हुए वायरल
इसके साथ ही डिमॉनेटाइजेशन के वक्त एक और तस्वीर वायरल हुई थी। मध्य प्रदेश में नोटों के लड्डू मिलने की खबर नोटबंदी के वक्त खूब वायरल हुई थी। इस पोटो के साथ ये कहा गया था कि किसी ने नोटों तो मशीन से कटवाकर कचरे के ढेर में फिंकवा दिया था। इस फोटो की सच्चाई ये थी कि ये नोटों के नहीं बल्कि कागज़ की कतरनें थीं।

चिप वाली खबर भी बेकार थी
इसके अलावा एक खबर ने तो हाहाकार मचा दिया था, जब कहा गया कि हर नोट पर चिप लगी है। सोशल मीडिया पर ये जमकर वायरल हुआ था। ये मैसेज शेयर किया गया कि नोटों में लगी हरी पट्टी में नैनो चिप लगी हुई है, जो ये बता देगी कि किसके पास काला धन है। लेकिन ये मैसेज पूरी तरह से झूठा निकला। आरबीआई ने ऐसी कोई भी चिप नोट में नहीं लगाईं थी।