‘जिस गुरु ने कुश्ती के गुर सिखाये, उसी की बेटी के साथ घिनौना काम किया’

ऐसा नीच काम करने वालों ने अपने गुरु की बेटी को ही शिकार बनाया। हालांकि कल न्याय के लिए रेवाड़ी में कैंडल मार्च निकाला लेकिन उसमें भी पीड़ित परिवार को ही आगे आना पड़ा।

New Delhi, Sep 16 : एक बच्ची जिसने 12वीं के इम्तेहान में अव्वल नम्बर लाये थे, जिसे प्रधानमंत्री ने सम्मानित किया था–बेटी पढ़ाओ-बेटी बढाओ के नारे के साथ ; उसके सुनहरे भविष्य, उनसान पर भरोसा और सरकार की संकल्पना को तहस नहस कर दिया गया।

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बच्ची के पिता ने जिसे कुश्ती का चैम्पियन बनने की ट्रेनिंग दी और जिसके कारण उसे भारतीय सेना में नौकरी मिली, उसी ने अपने पांच से सात या ज्यादा कमीने दोस्तों के साथ उस बच्ची के साथ घिनोना काम किया। उसे मरा समझ कर खेत में फैंक गए। जानकारी के मुताबिक पीड़िता के साथ करीब एक दर्जन युवकों ने अपहरण कर गैंगरेप किया और नशे की हालत में उसे छोड़कर फरार हो गए.

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पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि युवकों ने पहले युवती को नशीला पदार्थ पिलाया. इसके बाद बेहोश होने पर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया. परिजनों ने दर्जनभर युवकों पर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है. परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनकी शिकायत नहीं लिखी और उन्हें थानों के चक्कर काटने पड़े.

अत्याचार यहीं ख़त्म नहीं हुआ, फिर पुलिस उनके परिवार को रेवाड़ी से कलीना तो महेंद्रगढ़ दौड़ाती रही। विडम्बना है कि ऐसा नीच काम करने वालों ने अपने गुरु की बेटी को ही शिकार बनाया।
हालांकि कल न्याय के लिए रेवाड़ी में कैंडल मार्च निकाला लेकिन उसमें भी पीड़ित परिवार को ही आगे आना पड़ा। संघी स्वयम सेवक संस्कृत में बोलना सीख रहे हैं। एस पी बदमाशों को पकड़ने पर एक लाख के इनाम की घोषणा कर रही है। ये आरोपी है जिनमे पहला पंकज सेना में सिपाही है और राजस्थान में पदस्थ। दूसरा निशु है तीसरा मनीष है।

(वरिष्ठ पत्रकार पंकज चतुर्वेदी के फेसबुक वॉल से साभार, ये लेखक के निजी विचार हैं)