राकेश टिकैत: दिल्ली पुलिस की नौकरी छोड़ आंदोलन का रास्ता चुना, 40 से ज्यादा बार जा चुके हैं जेल

बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि किसान नेता राकेश टिकैत का चयन दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर हुआ था, लेकिन सरकारी दबाव के चलते टिकैत ने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया ।

New Delhi, Jan 27: कृषि कानूनों के विरोध में देश के अलग-अलग हिस्सों के किसान सड़कों पर जमे हुए हैं । 26 जनवरी को किसानों ने ट्रैक्टर मार्च भी निकाला । इस किसान आंदोलन में पंजाब के किसान नेता तो शामिल हैं ही साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े किसान नेता राकेश टिकैत का नाम भी लगातार सुर्खियों में है। टिकैत भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, वो किसानों के उस कोर ग्रुप में शामिल हैं जो कृषि बिलों और किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार से बातचीत कर रहा है।

कौन हैं राकेश टिकैत?
राकेश टिकैत भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, वो किसानों के बड़े नेता रहे चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के बेटे हैं । उनके बड़े भाई यानी नरेश टिकैत भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं । ये यूनियन अराजनैतिक है । टिकैत पिछले काफी समय से पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों के हक की जंग लड़ रहे हैं, इससे पहले वो किसानों के हित में गन्ना मिलों के खिलाफ भी प्रदर्शन कर चुके हैं।

40 बार गए जेल, पुलिस की नौकरी छोड़ी
आपको जानकर हैरानी होगी कि राकेश टिकैत अब तक 40 से अधिक बार जेल भी जा चुके हैं। इतना ही नहीं बहुत कम लोग ये जानते हैं कि टिकैत ने 8 साल पुलिस सेवा में काम किया है, 1985 में किसान नेता राकेश टिकैत का चयन दिल्लीपुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर हुआ था लेकिन सरकारी दबाव के कारण टिकैत ने 1993 में पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। तब से टिकैत भाकियू से जुड़ गए,  यूनियन के ज्यादातर व्यवहारिक फैसले टिकैत ही लेते हैं।

निजी जीवन
राकेश टिकैत की शादी सुनीता देवी से हुई है, वो बागपत की रहने वाली हैं। इन दोनों के तीन बच्चे हैं, एक बेटा और दो बेटियां । टिकैत की पत्नी सुनीता भी गाजीपुर बॉर्डर पर लगातार प्रदर्शन में हिस्‍सा लेती रही हैं । टिकैत के भतीजे गौरव टिकैत भारतीय किसान यूनियन (युवा) के अध्यक्ष हैं, जबकि उनके बेटे चरण सिंह टिकैत अभी भाकियू का कामकाज देखते हैं। किसान आंदोलनों के अलावा राकेश ने चुनाव भी लड़ा है । उन्होंने 2007 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था, 2014 में वो आरएलडी के टिकट पर अमरोहा लोकसभा से चुनाव लड़े । हालांकि चुनावी मैदान में राकेश टिकैत दोनों बार सफलता हासिल नहीं कर सके ।