दुष्कर्म के आरोपी आसिफ खान इस वजह से बना आशु महाराज, खुलासे से दिल्ली पुलिस भी हैरान

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने आरोपित बाबा के दस्तावेजों की जांच की, तो पता चला कि उसने पासपोर्ट, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र समेत तमाम कागजात आसिफ खान के नाम से ही बनवा रखे हैं।

New Delhi, Sep 16 : राजधानी दिल्ली में मां-बेटी से बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार आसिफ मोहम्मद खान से दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की। इस दौरान आसिफ खान उर्फ आशु बाबा ने ये पुलिस को ये भी बताया कि लोगों को अंधविश्वास के जाल में फंसाने के लिये आखिर उन्होने नाम क्यों बदला। एनबीटी में छपी रिपोर्ट के अनुसार पूछताछ में आरोपित बाबा ने कहा कि मुस्लिम धर्मगुरु बनने पर उसे इतना पैसा नहीं मिलता, जितना हिंदू धर्मगुरु बनने पर मिला । इसके लिये उसे सिर्फ आसिफ से आशु महाराज ही तो बनना था, नाम बदलते ही उसका धंधा चल निकला, उसके दरबार में अंधविश्वासी नोटों की थैली लेकर मत्था टेकने आते थे।

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हिंदू ज्यादा पैसे खर्च करते हैं
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने आरोपित बाबा के दस्तावेजों की जांच की, तो पता चला कि उसने पासपोर्ट, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र समेत तमाम कागजात आसिफ खान के नाम से ही बनवा रखे हैं। पुलिस को आरोपित बाबा ने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग धर्म के नाम पर इतने पैसे खर्च नहीं करना चाहते हैं, जितना हिंदू करते हैं। इन्हें बस जरा सा डराने की जरुरत है, अगर आपकी सलाह से उन्हें थोड़ा सा भी भरोसा होना शुरु हुआ, तो फिर वो आपके लिये जेबें ढीली करने लगने लगते हैं।

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गुवाहाटी में सीखी कुंडली देखना
आसिफ मोहम्मद खान ने गुवाहाटी से कुंडली देखने की कला सीखी थी, तब से ही वो लोगों का भविष्य बताने लगा था। उसने दिल्ली पुलिस को बताया कि उसे गुवाहाटी में ये कला सीखने के बाद समझ आया, कि धर्म के नाम पर कैसे लोगों को उंगलियों पर नचाया जा सकता है।

करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली
आशु गुरु भाई पहले वजीरपुर के जेजे कॉलोनी में रहता था, किसी तरह से उसका गुजारा होता था। लेकिन अब दिल्ली के हौजखास इलाके में आश्रम खोल कर बैठा हुआ है। शोहरत और पैसा आने के बाद आसिफ खान ने अपने परिवार से भी दूरी बना ली। कहा जाता है कि दिल्ली-एनसीआर में उसने करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर दी है।

गाजियाबाद से गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के अनुसार जब आशु महाराज के खिलाफ यौन शोषन का केस दर्ज हुआ, तो वो डर गया था, उसे लग रहा था कि कही पब्लिक उसे पकड़ कर जान से ना मार दे। इसी वजह से वो गाजियाबाद के एक अपार्टमेंट में छुपकर रह रहा था। जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। आसिफ 10 वीं फेल है, लेकिन हिंदी पर अच्छी पकड़ है, इसके साथ ही अंग्रेजी भी ठीक-ठाक बोल लेता है, पुलिस ने उसके मोबाइल, लैपटॉप समेत दूसरे गैजेट्स को फॉरेंसिक लैब भेजा है।