शनि जयंती आज, जानें शनिदेव को प्रसन्‍न करने के 8 महाउपाय

15 मई, मंगलवार, बन रहा है शनि जयंती का शुभ योग । आज करें ये उपाय और अपने जीवन से शनि की दशा को दूर करें । शनि देव की विशेष कृपा प्राप्‍त करें ।

New Delhi, May 15 : ज्‍योतिष शास्‍त्रों में शनि ग्रह को महत्‍वपूर्ण स्‍थान दिया गया है । शनि ग्रह का संबंध शनिदेव से माना गया है ओर इनसे जुड़े विशेष पूर्जा-अर्चना के कार्यों के लिए शनिवार का दिन रखा गया है । शनि एक मात्र ऐसे ग्रह हैं जो व्‍यक्ति के कर्मों के अनुसार उनकी कुंडली में स्‍थान रखते हैं, और समय-समय पर उसके कर्मों को लेखा-जोखा रखते हैं । शनि की नजर से कोई नहीं बच सकता । जिन पर शनि की कृपा हो वो धन-वैभव सुख-शांति प्राप्‍त करता है, लेकिन जिसने शनि को नाराज कर दिया उस व्‍यक्ति के जीवन से दुख का साया कभी दूर नहीं होता । आज शनि जयंती है, जानें कुछ विशेष उपाय ।

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ये उपाय करें
1. काली गाय की सेवा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं । काली गाय के सिर पर रोली लगाकर सींगों में कलावा बांधकर धूप-आरती करें फिर परिक्रमा करके गाय को बून्दी के चार लड्डू खिला दें ।
2. सूर्यास्त के बाद हनुमानजी का पूजन करें. पूजन में सिन्दूर, काली तिल्ली का तेल, इस तेल का दीपक एवं नीले रंग के फूल का प्रयोग करें ।

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पुकारें शनि देव के नाम
3. इन 10 नामों से शनिदेव का पूजन करे, ये नाम इस प्रकार हैं कोणस्थ, पिंगल, बभ्रु, कृष्ण, रौद्रान्तक, यम, सौरि, शनैश्चर, मंद व पिप्पलाद । साथ में शनि के बीज मंत्र का भी जाप करें ।
4. सुबह प्रातः काल उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर कुश के आसन पर बैठ जाएं । सामने शनिदेव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें व उसकी पंचोपचार से विधिवत पूजन करें । इसके बाद रूद्राक्ष की माला से नीचे लिखे शनि मंत्र की कम से कम पांच माला जप करें तथा शनिदेव से सुख-संपत्ति के लिए प्रार्थना करें ।

ये भोग लगाएं
5. सवा-सवा किलो काले चने अलग-अलग तीन बर्तनों में भिगो दें । इसके बाद नहाकर, साफ वस्त्र पहनकर शनिदेव का पूजन करें और चनों को सरसो के तेल में छौंक कर इनका भोग शनिदेव को लगायें । इसके बाद पहला सवा किलो चना भैंसे को खिला दें । दूसरा सवा किलो चना कुष्ट रोगियों में बांट दें और तीसरा सवा किलो चना अपने ऊपर से उतार कर किसी सुनसान स्थान पर रख आयें । ऐसा करने से शनि आप पर प्रसन्‍न होंगे ।

भैरव की उपासना
6. भैरवजी की उपासना करें और शाम के समय काले तिल के तेल का दीपक लगाकर शनि दोष से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें । लाल चन्दन की माला को अभिमंत्रित कर पहनने से शनि के अशुभ प्रभाव कम हो जाते हैं । यदि आप पर शनि की साढ़ेसाती, ढय्या या महादशा चल रही हो तो इस दौरान मांस, मदिरा का सेवन न करें। इससे भी शनि के दुष्प्रभाव में कमी आती है ।

सरसों के तेल का दीपक
7. शाम के समय बड़ (बरगद) और पीपल के पेड़ के नीचे सूर्योदय से पहले स्नान आदि करने के बाद सरसों के तेल का दीपक लगायें और दूध एवं धूप आदि अर्पित करें । सरसों के तेल से शनि का अभिषेक करें और इस तेल को बाद में गरीबों को वितरित करें आपको बहुत लाभ होगा । सरसों के तेल का सेवन आज के दिन करने से बचें । इससे आपको नुकसान हो सकता है ।

लोहे का सामान ना खरीदें
8. शनिदेव को नाराज नहीं करना चाहते है तो शनिवार को लोहे का बना सामान बिलकुल नहीं खरीदना चाहिए। मान्‍यता है कि लोहे का सामान खरीदने से शनि देव कुपित हो जाते हैं और व्‍यक्ति का बुरा समय प्रारंभ हो जाता है । प्राचीन मान्‍यताओं के अनुसार शनिवार को घर में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए । ये दिन इसके लिए शुभ नहीं है । शनिवार को घर में झाड़ू लगाने से शनि नाराज होते हैं ।