आर्थिक उन्‍नति, शीघ्र विवाह, सरकारी नौकरी और संतान सुख के लिए नवरात्रि पर करें ये आसान से उपाय

माता के पवित्र नवरात्रि आज से शुरू हो गए हैं । इन पावन दिनों में आप अपनी किस्‍मत पूरी तरह से बदल सकते हैं । कुछ ऐसे उपाय हैं जो आपकी हर समस्‍या का निवारण कर सकते हैं ।

New Delhi, Oct 10 : साल में दो बार आने वाले नवरात्रि हिंदू धर्म में सबसे ज्‍यादा शुभ माने जाते हैं । अगर आपका कोई काम नहीं बन रहा है तो आप इन दिनों में उन्‍हें पूरा कर सकते हैं । अगर आप किसी शुभ दिन के इंतजार में हैं तो साल के ये 9 दिन, किसी भी काम की शुरुआत के लिए सबसे शुभ हैं । इन नौ दिनों की तंत्र शास्‍त्र में भी बड़ी मान्‍यता है, कुछ ऐसे टोटके बताए गए हैं जिनका इस्‍तेमाल कर आप रोजमर्रा से जुड़ी कई समस्‍याओं का हल पा सकते हैं ।

Advertisement

दांपत्‍य जीवन में खुशियों का उपाय  
अगर आप अपने घर में आए दिन क्लेश से जूझ रहे हैं, दांपत्‍य जीवन कष्‍टमय है तो आपको क्‍या करना होगा । नवरात्रि के अंतिम दिन नहा धोकर साफ वस्‍त्र पहनकर हवन करें । ‘सब नर करहिं परस्पर प्रीति। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति’ इस मंत्र का उच्‍चारण करते हुए हवन की अग्नि में 108 बार आहुति दें । आहुतियां जब पूरी हो जाएं तो इस मंत्र का 21 बार जप करें, इस जप में परिवार के दूसरे सदस्‍य भी शामिल हो सकते हैं । ये क्रिया संपन्‍न होते ही आप देखेंगे, आपके घर का माहौल बदलने लगा है ।

Advertisement

शीघ्र विवाह के लिए उपाय
यदि आपका विवाह न हो रहा हो तो आप क्‍या करें, नवरात्रि के पावन दिनों में आप अपनी इस समस्‍या का भी निवारण कर सकते हैं ।नवरात्रि के पहले दिन ही पूजा के स्थान पर शिव-पार्वती का चित्र स्थापित करें। चित्र के समक्ष बैठकर अगले नौ दिनों तक प्रतिदिन ‘ऊं शं शंकराय सकल-जन्मार्जित-पाप- विध्वंसनाय, पुरुषार्थ-चतुष्टय-लाभाय च पतिं मे देहि कुरु कुरु स्वाहा।। इस मंत्र का तीन या पांच माला तक जप करें। आपका विवाह भी जल्‍द होगा और जीवनसाथी भी मनपसंद मिलेगा ।

नौकरी के लिए करें उपाय  
अगर आप पढ़े लिखें, समर्थ हैं इसके बावजूद आपको रोजगार नहीं मिल रहा है तो इस अष्‍टमी को आपको एक विशेष पूजा अर्चना करनी होगी । स्‍नान आदि कर, नए स्‍वच्‍छ वस्‍त्र पहनकर इस मंत्र का जप प्रारंभ करें । करीब 21 से 31 दिन तक प्रात: काल या संध्‍या काल में इस मंत्र का जाप करें, रोजगार प्राप्ति के नए रास्‍ते खुलेंगे । मंत्र इस प्रकार है – ‘ऊं हृीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा’ ।

धन की होगी वर्षा
यदि आप व्‍यापार क्षेत्र में हैं और हानि का सामना कर रहे हैं तो ये उपाय जरूर करें । अपने पूजा घर में या मंदिर में उत्‍तर दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाएंगे । अब श्रीयंत्र ले आएं और इसे लेकर एक उपाय करें । मुठ्ठी भर चावल लें, इसमें कुमकुम मिलाएं और अब इन चावलों की ढेरी बनाकर इस पर श्रीयंत्र स्‍थापित कर दें । श्रीयंत्र के सम्‍मुख 9 तेल के दिए जलाएं । अष्‍टमी या नवमी, जब भी पूजा का उद्यापन करें तो चावल को नदी में बहाएं और श्रीयंत्र को अपने तिजोरी में रख लें ।