बरेली की इस बहू को मिला इंसाफ, कोर्ट ने ‘तीन तलाक’ को अमान्य कर दिया

निदा खान बरेली के आला हजरत खानदान की बहू हैं. उन्हें शादी के कुछ समय बाद ही दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा और मांग पूरी नही होने पर उन्हें तीन तलाक कहकर घर से मारपीट कर निकाल दिया गया।

New Delhi, Jul 18 : बरेली की निदा खान को स्थानीय अदालत से बड़ी जीत हांसिल हुई है अदालत ने तलाक को ही गैर क़ानूनी करार दिया . निदा खान बरेली के आला हजरत खानदान की बहू हैं. उन्हें शादी के कुछ समय बाद ही दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा और मांग पूरी नही होने पर उन्हें तीन तलाक कहकर घर से मारपीट कर निकाल दिया गया. लेकिन निदा खान डरी नहीं और उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. यहां उसे पहली जीत हासिल हुई है. निदा खान के पति शीरान रजा खां के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दायर किया था. जिसमें निदा के पति शीरान ने कोर्ट में ये कहा था कि उन्होंने निदा को तलाक दे दिया है इसलिए उन पर कोई केस नहीं बनता है. एसीजेएम प्रथम की अदालत ने मंगलवार को शीरान की अर्जी को खारिज कर दिया.

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अदालत ने अपने फैसले में तीन तलाक़ को अमान्य कर दिया. अदालत ने सुप्रीम कोर्ट की नजीर देते हुए कहा कि कानून में हिन्दू महिला और मुस्लिम महिला में फर्क नहीं किया गया है. घरेलू हिंसा को धर्म के आधार पर नही देखना चाहिए. अदालत ने शीरान की आपत्ति को खारिज करते हुए उस पर घरेलू हिंसा का केस चलाने की आदेश जारी कर दिया.

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वैसे इस मामले में निदा खान को काफी लड़ाई लड़नी पड़ी. निदा ने जब अपने साथ ही तमाम तीन तलाक़, हलाला और बहुविवाह से पीड़ित महिलाओं की आवाज बुलंद की तो कुछ लोगो को नागवार गुजरा. पिछले दिनों निदा खान के खिलाफ फतवा जारी कर उन्हें इस्लाम से खारिज कर दिया गया. निदा का हुक्का पानी तक बन्द कर दिया गया. यहां तक निदा से मिलने जुलने वाले भी इस्लाम से खारिज हो जायेगे. फतवे में कहा गया है कि निदा के बीमार पड़ने पर कोई उसे दवा नहीं देगा. उसके मरने पर उसे कब्रिस्तान में दफनाया नही जाएगा. उसकी मौत में कोई शामिल नहीं होगा. निदा के खिलाफ जब इस तरह का फतवा जारी हुआ तो वह डरी नहीं बल्कि उसकी ताकत और बढ़ गई. उसने कहा कि वह ऐसे लोगों के खिलाफ झुकने वाली नहीं हैं.

बारादरी के पुराना शहर के मुहल्ला शाहदाना निवासी निदा खान की शादी 16 जुलाई 2015 को आला हजरत खानदान के उसमान रजा खां उर्फ अंजुम मियां के बेटे शीरान रजा खां से हुआ थी. अंजुम मियां आल इंडिया इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां के सगे भाई हैं. निदा का कहना है कि शादी के बाद से ही उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसका गर्भपात हो गया. शौहर शीरान रजा खां ने 5 फरवरी 2016 को तीन तलाक़ देकर घर से निकाल दिया.

(वरिष्ठ पत्रकार पंकज चतुर्वेदी के फेसबुक वॉल से साभार, ये लेखक के निजी विचार हैं)